भारत की विंड एनर्जी इंडस्ट्री में Suzlon Energy इन दिनों लगातार सुर्खियों में है, क्योंकि कंपनी बहुत तेज़ी से नए ऑर्डर हासिल कर रही है। सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 6.2 GW पहुंच चुकी है, जो दिखाता है कि बाजार में उसकी मांग कितनी मजबूत है। FY26 की शुरुआत से ही कंपनी को 2 GW से ज्यादा नए ऑर्डर मिले हैं, जिनमें जिंदल ग्रीन विंड का 204.75 MW का ताज़ा ऑर्डर और जूनिपर ग्रीन एनर्जी का 402 MW का ऑर्डर शामिल है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच आए ये बड़े कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को मजबूत आधार दे रहे हैं और साफ संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में विंड एनर्जी सेक्टर में सुजलॉन की पकड़ और मजबूत होगी।
Suzlon Energy की Q2 FY26 में शानदार ग्रोथ
कंपनी के वित्तीय नतीजे भी इसी विकास कहानी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई देते हैं। Q2 FY26 में सुजलॉन का रेवेन्यू 85% बढ़कर 3,866 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में काफी बड़ा उछाल है। EBITDA में भी 145% की जोरदार बढ़त देखने को मिली, और यह 721 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे कंपनी का मार्जिन 18.6% तक बढ़ गया। इस तिमाही में सुजलॉन ने 565 MW की डिलीवरी की, जो पिछले साल से 12% ज्यादा है। पूरे H1 FY26 में कंपनी की कुल डिलीवरी 1,009 MW रही, और विंड टर्बाइन जनरेटर सेगमेंट अकेले ने 5,740 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिया। यह सब दिखाता है कि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हो गई है और डिमांड बढ़ने के साथ वह इसे संभालने में सक्षम है।
बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और नई टेक्नोलॉजी
सुजलॉन एनर्जी अपनी उत्पादन क्षमता को तेज़ गति से बढ़ा रही है ताकि बढ़ती मांग को समय पर पूरा किया जा सके। FY24 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 3 GW से बढ़कर 4.5 GW हो गई, और अब कंपनी तीन नई AI-सक्षम ब्लेड फैक्ट्रियों का निर्माण कर रही है। इनमें से दो गुजरात और एक कर्नाटक में स्थापित की जा रही हैं। इन आधुनिक फैक्ट्रियों का मकसद ऑर्डर बुक में मौजूद 6.2 GW के प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से पूरा करना है। कंपनी के पास वर्तमान में 17 प्रोडक्शन साइट्स हैं, जिन्हें बढ़ाकर 20 किया जा रहा है। रत्नलाम और जैसलमेर में 1 GW की नई क्षमता जोड़ने से लॉजिस्टिक्स का समय भी कम हुआ है, जिससे प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी और अधिक कुशल तरीके से हो रही है।
Suzlon Energy की वित्तीय मजबूती और बेहतर लाभ
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी पिछले कुछ समय में काफी मजबूत हुई है। Q2 FY26 में उसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 538% बढ़कर 1,279 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो बेहद उल्लेखनीय उपलब्धि है। 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 14.8 अरब रुपये का नेट कैश बैलेंस रहा, जो उसकी स्थिरता और भविष्य के निवेश की क्षमता को दर्शाता है। ट्रेड रिसीवेबल्स 5,046 करोड़ रुपये तक पहुंचे हैं, जबकि ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस सेगमेंट में EBITDA मार्जिन 40.7% रहा। SE Forge की रेवेन्यू भी 53 % बढ़कर 267 करोड़ रुपये हो गई। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी का कर्ज लगभग खत्म हो चुका है, जिससे उसके वित्तीय जोखिम काफी कम हो गए हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी वित्तीय सलाह का रूप नहीं है।



