Solar Stock : वारी एनर्जीज़ (Waaree Energies) नाम की कंपनी सोलर एनर्जी के क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ रही है और निवेशकों के लिए अच्छा मौका दे रही है। एमकेए ग्लोबल नाम की ब्रोकरेज कंपनी ने इस पर कवरेज शुरू किया है और इसे खरीदने (Buy) की सलाह दी है। उनका टारगेट प्राइस मार्च 2027 के लिए 4260 रुपये रखा है, जो अभी के भाव से लगभग 48 प्रतिशत ऊपर है। यह वैल्यूएशन कंपनी के मुख्य solar मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस को मार्च 2028 के EBIDTA पर 14 गुना मानकर किया गया है। कुल मिलाकर, यह SOTP तरीके से तय किया गया, जिसमें बैटरी स्टोरेज सेगमेंट को भी एक गुना इन्वेस्टेड कैपिटल पर वैल्यू दिया गया है।
Emkay का कहना है कि सेक्टर का मुनाफा धीरे-धीरे मॉड्यूल से सेल और फिर वेफर प्रोडक्शन की ओर शिफ्ट होगा, लेकिन बुक मार्जिन और रिटर्न स्थिर रहेंगे। वित्तीय वर्ष 2025 से 2028 तक रेवेन्यू 36 प्रतिशत, EBIDTA 48 प्रतिशत और प्रॉफिट 40 प्रतिशत सालाना बढ़ने का अनुमान है। यह ग्रोथ 2026 और 2027 में इंटीग्रेटेड एक्सपैंशन से आएगी, जिसमें मॉड्यूल वॉल्यूम 33 प्रतिशत बढ़ेगा और मार्जिन 23-24 प्रतिशत रहेगा।
Waaree Energies का विस्तार और भविष्य
वारी एनर्जीज़ सिर्फ सोलर मॉड्यूल तक सीमित नहीं है, बल्कि बैटरी स्टोरेज, ट्रांसफॉर्मर, इन्वर्टर और इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग में भी कदम रख रही है। इसके अलावा EPC और O&M बिज़नेस भी हैं, जो कस्टमर स्पेंडिंग का बड़ा हिस्सा कवर करेंगे। बैटरी स्टोरेज के लिए 3.5 GWH कैपेसिटी पर कैपिटल खर्च का अनुमान लगाया गया है, लेकिन 2028 के अर्निंग्स इसमें नहीं जोड़े गए। भारत में सोलर कैपेसिटी 2026 से 2028 तक हर साल 30 GWAC बढ़ने की उम्मीद है, जो 2030 तक 300 GWAC के टारगेट से मेल खाती है। इससे मॉड्यूल और सेल की डिमांड 45 GWAC सालाना होगी।
घरेलू मॉड्यूल कैपेसिटी 2025 में 70 GW से ऊपर हो चुकी है और 2028 तक 200 GW हो जाएगी। लेकिन सेल के लिए नई अप्रूव्ड लिस्ट और लोकल कंटेंट से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग ज़रूरी हो गई है। इंडस्ट्री चेक से सेल कैपेसिटी 2026 के अंत तक 40 GW, 2027 में 60 और 2028 में 80 GW हो सकती है। वारी का कोर ऑर्डर बुक दूसरी तिमाही 2026 के अंत में 44 हज़ार करोड़ रुपये का है, जो 2028 के मध्य तक रेवेन्यू विजिबिलिटी देगा। उसके बाद वेफर-इंगोट के लिए थर्ड लिस्ट प्रोटेक्शन देगी, जिसमें 2030 तक 60 GW कैपेसिटी बन सकती है।
वारी एनर्जीज़ की क्षमता बढ़ाने की योजना
वारी मॉड्यूल कैपेसिटी को दूसरी तिमाही के 18.7 GWPA से 2026 के अंत तक 26.7 GWPA कर रही है। सेल कैपेसिटी 5.4 से 15.4 GW 2027 तक बढ़ेगी और वेफर-इंगोट 10 GW 2027 तक सेटअप होगा। कुल कैपिटल एक्सपैंशन 11,800 करोड़ रुपये का है, जिसमें 6 GW इंटीग्रेटेड कैपेसिटी पीएलआई प्रोग्राम के तहत है। मॉड्यूल-सेल इंटीग्रेशन से मार्जिन 3 प्रतिशत बढ़ेगा, वेफर से 1-2 प्रतिशत और कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन से और फायदा। जून 2026 से सेल की दूसरी लिस्ट से लोकल कंटेंट ऑर्डर बढ़ेंगे, जहाँ मार्जिन 5-6 प्रतिशत ज़्यादा हैं। कंपनी खुद 22-24 प्रतिशत ईबीआईटीडीए मार्जिन का गाइड दे रही है, जो घरेलू सप्लाई बढ़ने और यूएस मार्केट की अनिश्चितता के बावजूद हासिल हो सकता है। रिस्क में कॉम्पिटिशन, टेक्नोलॉजी चेंज, रेगुलेटरी बदलाव और कमोडिटी प्राइस उतार-चढ़ाव हैं।
Disclaimer : यह लेख सिर्फ जानकारी देने के लिए है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से ज़रूर बात करें। बाजार में जोखिम रहते हैं, अतीत के रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं।



