Defence Sector Stocks: भारत सरकार ने 2025-26 के लिए डिफेंस बजट को करीब 6.81 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले साल से 9.5 प्रतिशत ज्यादा है। इस बजट में नई मिसाइलें, रडार, ड्रोन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाने पर खास ध्यान दिया गया है। करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए हैं, जिसमें से ज्यादातर राशि घरेलू कंपनियों को दी जाएगी।
Data Patterns के हालिया वित्तीय नतीजे
दूसरी तिमाही में Data Patterns का रेवेन्यू 238 प्रतिशत तेजी से बढ़ा, जो बड़े डिफेंस ऑर्डर्स को पूरा करने का नतीजा है। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन 32 प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत रह गया और मुनाफा मार्जिन भी 25 से 16 प्रतिशत तक आया। फिर भी, कंपनी की ऑर्डर देने की क्षमता साफ दिखी। मैनेजमेंट ने पूरे साल के लिए रेवेन्यू और मुनाफे में 20-25 प्रतिशत विकास का लक्ष्य रखा है। रडार और ईडब्ल्यू सिस्टम के कुछ ऑर्डर जल्दी मिलने की उम्मीद है। यह ग्रोथ डिफेंस बजट के बढ़ने से और मजबूत होगी।
बाजार में स्थिति और निवेश की संभावनाएं
बड़े सरकारी कंपनियां जैसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) बड़े प्लेटफॉर्म बनाती हैं, लेकिन Data Patterns जैसे प्लेयर्स उनके लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक ब्रेन और सब-सिस्टम तैयार करते हैं। कंपनी के उत्पाद मिसाइल कंट्रोल, रडार प्रोसेसर, फ्लाइट कंप्यूटर और सिग्नल प्रोसेसर जैसे उच्च मूल्य वाले हैं। बजट में घरेलू खरीदारी पर जोर से ऐसी निचे वाली कंपनियों को फायदा हो रहा है। आने वाले वर्षों में इनके राजस्व और रिटर्न बढ़ने की पूरी संभावना है।
डेटा पैटर्न्स का शेयर प्रदर्शन
14 नवंबर 2025 के आसपास Data Patterns का शेयर करीब 3,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। पिछले तीन साल में इसने 126 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। इसका पी/ई रेशियो 78 गुना है, जो सेक्टर के औसत 62 गुना से ज्यादा है। यह प्रीमियम कंपनी के हाई-टेक और आईपी आधारित मॉडल को दर्शाता है। 52 सप्ताह का सबसे निचला स्तर 1,351 और सबसे ऊंचा 3,268 रुपये रहा। लंबी अवधि में अपट्रेंड बरकरार है। निवेशक इसकी ग्रोथ पोटेंशियल को सराह रहे हैं।
Read More : क्या Suzlon Energy बनेगा अगला Multibagger? ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ देख एक्सपर्ट्स हुए बुलिश
Data Patterns के बारे में
Data Patterns (India) एक ऐसी कंपनी है जो डिफेंस और एयरोस्पेस के लिए हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। यह रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण, मिसाइल और ड्रोन के लिए जरूरी पार्ट्स डिजाइन और तैयार करती है। 1980 के दशक में छोटे इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों से शुरूआत करने वाली यह कंपनी अब अपने खुद के डिजाइन और तकनीक पर आधारित बड़े सिस्टम बनाती है। DRDO और भारतीय सेना के प्रोजेक्ट्स में इसे अहम भूमिका मिली है, खासकर देशी रडार और एवियोनिक्स की जरूरतों को पूरा करने में।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं दी जा रही। बाजार जोखिम भरा होता है, निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें और अपनी जांच करें।



