Upper Circuit: हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) का शेयर आजकल जबरदस्त तेजी दिखा रहा है। सोमवार को यह पांचवें दिन भी ऊपर चढ़ा और पिछले पांच दिनों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त ले ली। चांदी के दामों में आई भारी तेजी ने इस कंपनी को खूब फायदा पहुंचाया है, क्योंकि इसकी कमाई का बड़ा हिस्सा चांदी से आता है। निवेशकों में धातुओं के बाजार को लेकर अच्छा भरोसा है, जिससे शेयर में लगातार खरीदारी हो रही है।
किस कारण आ रहा शेयर में उछाल
चांदी के भावों में आई उछाल Hindustan Zinc के शेयर की रैली का मुख्य कारण बनी हुई है। कंपनी की कमाई का 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा चांदी से जुड़ा हुआ है, इसलिए दाम बढ़ने से मुनाफे में इजाफा होने की उम्मीद है। बासव कैपिटल के को-फाउंडर संदीप पांडे कहते हैं कि कंपनी के पास पहले से जमा चांदी का स्टॉक है, जिससे अब मार्जिन में फायदा मिलेगा। वैश्विक स्तर पर चांदी की सप्लाई कम होने से भी दाम चढ़े हैं। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से भी धातु कंपनियों को फायदा हुआ है।
अमेरिकी फेड रिजर्व के फैसलों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें घटाने की उम्मीदें बढ़ रही हैं, जिससे धातुओं के बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। डॉलर की कमजोरी ने चांदी जैसे कीमती धातुओं को चमकाया है। रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना भारतीय निर्यातकों के लिए अच्छा है, खासकर जिंक और चांदी जैसी धातुओं के लिए। ये सभी फैक्टर मिलकर Hindustan Zinc जैसे स्टॉक्स को बूस्ट दे रहे हैं।
हिंदुस्तान जिंक का हालिया परफॉर्मेंस और रिकॉर्ड
आज के कारोबार में Hindustan Zinc का शेयर 3.2 प्रतिशत चढ़कर 501 रुपये तक पहुंच गया। पिछले पांच सेशन में 10.3 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह वेदांता ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी जून 2025 में अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 546.95 रुपये से महज 8 प्रतिशत नीचे है। मार्च 2025 में यह 378.65 रुपये के निचले स्तर पर था। पिछले एक साल में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन हाल के महीनों में रिकवरी तेज हुई। छह महीनों में 8.5 प्रतिशत, तीन महीनों में 14 प्रतिशत और पिछले महीने में 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
Hindustan Zinc का लॉन्ग टर्म में मल्टीबैगर रिटर्न
पिछले पांच सालों में Hindustan Zinc ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं, जिसमें 118 प्रतिशत की बढ़त हुई। धातु दामों में आई तेजी, मजबूत कैश फ्लो, बेहतर ऑपरेशनल क्षमता और भारत की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक होने की मजबूत पोजीशन ने इसे आगे बढ़ाया। कंपनी दुनिया में चांदी के प्रमुख उत्पादकों में शुमार है। लंबी अवधि में इसकी परफॉर्मेंस निवेशकों के लिए आकर्षक रही है।
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