Defence : अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems) नाम की कंपनी ने हाल ही में तेलंगाना सरकार के साथ एक बहुत बड़ा समझौता किया है। यह समझौता 8 दिसंबर 2025 को हुआ और इसकी कीमत 1500 करोड़ रुपये है। इसे MOU कहते हैं, जो एक तरह का वादा पत्र होता है। यह पूरी तरह नया डिफेंस सामान बनाने का प्रोजेक्ट है, जिसे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट बोलते हैं। बाजार बंद होने के बाद यह खबर आई, इसलिए निवेशकों की आंखें कंपनी के शेयरों पर टिक गई हैं। यह कंपनी छोटे स्तर की है लेकिन डिफेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रोजेक्ट के बड़े लक्ष्य
इस प्रोजेक्ट का मुख्य काम युद्ध के हथियारों के सिरे बनाने और भरना है, जिन्हें वॉरहेड्स कहते हैं। साथ ही रॉकेट के इंजन भी बनाए जाएंगे। छोटे, मझोले और बड़े तोपों के लिए तोपखाने के सिस्टम और गोलाबारूद तैयार होगा। कंपनी पूरे गोलाबारूद के सिस्टम खुद विकसित करेगी, जो तोपों, रॉकेटों और दूसरे हथियारों में इस्तेमाल होंगे। यह सब घरेलू जरूरतों के साथ-साथ विदेशी बाजारों की मांग भी पूरी करने के लिए हो रहा है।
कंपनी की आर्थिक मजबूती
मार्च 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति 1262 करोड़ रुपये हो गई थी, जो पिछले साल से करीब 32 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें मौजूदा संपत्ति 989 करोड़ रुपये रही, जो 29 प्रतिशत बढ़ी। तय संपत्ति 181 करोड़ रुपये के आसपास थी और कुल पूंजी 609 करोड़ रुपये की बनी। यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की स्थिति मजबूत हो रही है। पैसा सही जगह लग रहा है और विकास की रफ्तार अच्छी है।
हाल के कारोबार की प्रगति
पिछले कुछ महीनों में कंपनी को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी डीआरडीओ और दूसरी सरकारी कंपनियों से कई बड़े ऑर्डर मिले हैं। जैसे 18 करोड़ और 35 करोड़ के प्रोजेक्ट में कंपनी सबसे सस्ती बोली देने वाली चुनी गई। दूसरे तिमाही में नेट मुनाफा दोगुना हो गया और कुल कमाई 40 प्रतिशत बढ़कर 25 करोड़ रुपये रही। यह नया समझौता कंपनी की फैक्ट्री और उत्पादन बढ़ाने का बड़ा मौका है। इससे आने वाले दिनों में और ज्यादा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
शेयर बाजार में उछाल
9 दिसंबर 2025 को कंपनी का शेयर 249 रुपये के आसपास बिक रहा था। पिछले छह महीनों में यह 21 प्रतिशत चढ़ चुका है। छोटी कंपनियों के डिफेंस क्षेत्र में यह खबर बहुत अहम है। निवेशक उत्साहित हैं और शेयरों में रुचि बढ़ रही है। बाजार में स्मॉलकैप डिफेंस स्टॉक्स पर नजरें हैं। यह समझौता कंपनी को नई पहचान देगा। आगे और वृद्धि की पूरी संभावना है।
Disclaimer
यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपनी जांच करें और विशेषज्ञ से सलाह लें। बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, कोई गारंटी नहीं है।



